भजन लाल सरकार ने मोदी जी का इशारा पकड़ा, स्टार्टअप कॉनक्लेव,इनोवेशन डे पर दिखा असर
वन्देमातरम पर कथनी और करनी एक हुई
✍️ एडवोकेट अनिल पारीक
कल नवाचार दिवस पर जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित स्टार्टअप कॉनक्लेव में अपनी पत्नी और बेटे अक्षत पारीक के साथ जाना हुआ वो B.tech का स्टूडेंट है नागपुर में उसका स्टार्ट अप में इंटरेस्ट है साथ ही मेरी पत्नी तारा पारीक ने भी स्टार्ट अप के लिए रजिस्ट्रेशन किया हुआ है इसलिए दोनों की जानकारी को और बढ़ाने और नए स्टार्टअप idea को देखना का प्लान हुआ यह ब्लॉग वहां की घटना पर आधारित है आशा है आप मार्ग दर्शन करते हुए बताते रहेंगे कि आपको मेरा लिखना कैसा लगा
12 दिसंबर, राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर।“Startup Conclave – innovation Day। मंच धमाकेदार, भीड़ सुनामी जैसी, ऊर्जा आसमान छू रही! लेकिन असली धमाका तो शुरुआत में हुआ—जिसने इसे साधारण सरकारी इवेंट से राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना दिया।संसद में वन्दे मातरम विवाद याद है? जहां विपक्ष वाले आधा गाकर भागते हैं, बहाने बनाते हैं—”ये संविधान के खिलाफ है!” वाह! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सीधा सवाल दागा: राष्ट्रगीत अधूरा क्यों? बस, भ्रम का पर्दाफाश! विपक्ष की नकली राष्ट्रभक्ति नंगी हो गई।और राजस्थान में? मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा जी ने पूरा वन्दे मातरम गवाया—बिना हिचक, बिना बहाना! कोई लंबा भाषण नहीं, बस एक जोरदार थप्पड़ विपक्ष के गाल पर। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि मोदी सरकार के इशारे पर भजन लाल सरकार की फुर्तीली अमल है! केंद्र कहे, राज्य तुरंत करे—भाजपा की नीति और करनी का परफेक्ट सिंक। विपक्ष वाले अभी भी आधे राष्ट्रगीत पर उलझे हैं, हम पूरा गाकर आगे बढ़ चुके!स्टार्टअप, टेक, इनोवेशन के बीच यह राष्ट्रभक्ति का इंजेक्शन—याद दिलाता है कि नया भारत जड़ों से जुड़ा है। भजन लाल सरकार ने साबित कर दिया: मोदी जी का संकेत मिला, तो फटाफट एक्शन! विपक्ष को चिल्लाने दो—”संविधान बचाओ”—हम तो राष्ट्र बनाते हैं।यह फैसला स्क्रिप्टेड नहीं, सच्ची राजनीतिक बुद्धिमत्ता है। बिना बोले सबसे बड़ा बयान! विपक्ष की आधी राष्ट्रभक्ति के सामने भाजपा की पूर्ण समर्पण—फर्क साफ है। भजन लाल सरकार मोदी जी के इशारे को समझती है !
वन्देमातरम




