किशनगढ़ में CM भजनलाल का ‘ट्रिपल इंजन’ मंत्र, बोले- बूथ मजबूत कर गांव-गांव खिलाएं कमल 01

Deepa Deepa
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किशनगढ़। राजस्थान में हाल ही में हुए नगरीय निकाय चुनावों के बाद अब राजनीतिक दलों का फोकस पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों पर बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को अजमेर जिले के किशनगढ़ में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। मार्बल एसोसिएशन ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, गांव-ढाणी तक जनसंपर्क बढ़ाने और आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।भजनलाल

मुख्यमंत्री के किशनगढ़ दौरे का मुख्य केंद्र आगामी पंचायतीराज चुनाव रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जिस संगठनात्मक सक्रियता के साथ नगरीय निकाय चुनाव में काम किया गया, उसी तरह अब पंचायत चुनाव के लिए भी गांव-गांव और बूथ-बूथ तक पहुंच बनानी होगी। मुख्यमंत्री के संदेश में संगठन की जमीनी मजबूती, सरकार की योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना और कार्यकर्ताओं के सीधे जनसंपर्क पर विशेष जोर रहा।

किशनगढ़ में करीब दो घंटे चला कार्यकर्ता संवाद

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार शाम किशनगढ़ पहुंचे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे करीब 5:45 बजे किशनगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे और इसके बाद मार्बल एसोसिएशन ऑडिटोरियम में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम शाम करीब 6 बजे से रात 8 बजे तक निर्धारित था। किशनगढ़ उनके कोटा और झालावाड़ के बाद दिन के तीसरे कार्यकर्ता संवाद का पड़ाव था।

इस दौरे को आगामी पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों के लिहाज से संगठनात्मक संवाद के रूप में देखा गया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संगठन की स्थिति, जमीनी संपर्क और चुनावी तैयारियों से जुड़े विषयों पर चर्चा की।

कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का जोर केवल चुनावी रणनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने संगठन को गांवों और बूथों तक मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बात की। उनका संदेश था कि पार्टी की गतिविधियों और सरकार की योजनाओं को गांव-ढाणी तक पहुंचाने के लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।भजनलाल

‘ट्रिपल इंजन’ सरकार का मॉडल गांवों तक पहुंचाने का आह्वान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पंचायत चुनावों को ‘ट्रिपल इंजन’ की अवधारणा से जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं से पंचायत स्तर पर भी भाजपा का संगठन मजबूत करने का आह्वान किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकाय चुनावों में भाजपा को मिले समर्थन के बाद अब इसी मॉडल को गांवों और ढाणियों तक पहुंचाने की जरूरत है।

‘ट्रिपल इंजन’ शब्द का इस्तेमाल भाजपा की ओर से केंद्र और राज्य सरकार के साथ स्थानीय निकायों में भी पार्टी की सरकार होने के संदर्भ में किया जा रहा है। पंचायत चुनावों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर तक संगठन को मजबूत करने की बात कही।

यह राजनीतिक रूप से भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा है। मुख्यमंत्री का संदेश पार्टी कार्यकर्ताओं को स्थानीय स्तर पर सक्रिय करने और ग्रामीण मतदाताओं के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने पर केंद्रित रहा।भजनलाल

बूथ को बनाया संगठन की रणनीति का केंद्र

मुख्यमंत्री ने बूथ स्तर को संगठन की मजबूती का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रत्येक बूथ पर सक्रिय रहने और स्थानीय लोगों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने का आह्वान किया।

भाजपा की चुनावी संगठनात्मक व्यवस्था में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने ‘मेरा बूथ-सबसे मजबूत’ जैसे संगठनात्मक संदेश के साथ कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने की बात कही। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने गांव, चौपाल और घर-परिवार तक पहुंच बनाने पर जोर दिया।

पंचायत चुनावों में ग्रामीण क्षेत्रों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में बूथ स्तर पर मतदाताओं से संपर्क, स्थानीय मुद्दों की जानकारी और सरकारी योजनाओं की पहुंच जैसे विषय पार्टी संगठन के लिए प्रमुख रहेंगे।

गांव-ढाणी तक सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। राजस्थान सरकार भी हाल के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और प्रशासनिक सेवाओं को मजबूत करने पर जोर देती रही है।

22 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार ‘विकसित भारत-जन सेवा अभियान’ के तहत सरकार का उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना तथा किसानों, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना था। सरकार ने सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया था।

इसी व्यापक सरकारी अभियान की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री का कार्यकर्ताओं से योजनाओं को गांव-ढाणी तक पहुंचाने का आह्वान संगठन और शासन के बीच संपर्क को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा सकता है।

निकाय चुनाव के प्रदर्शन का भी किया उल्लेख

किशनगढ़ में मुख्यमंत्री ने हाल में हुए नगरीय निकाय चुनावों के परिणामों का भी उल्लेख किया। उपलब्ध रिपोर्टों में मुख्यमंत्री के हवाले से कहा गया है कि राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में से 204 में भाजपा के बोर्ड बने। मुख्यमंत्री ने इसे पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और सरकार की नीतियों के प्रति समर्थन से जोड़कर प्रस्तुत किया।

यह आंकड़ा मुख्यमंत्री के हालिया कार्यकर्ता संवादों में भी सामने आया है। भाजपा अब नगरीय निकाय चुनाव के बाद पंचायत चुनावों के लिए संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

हालांकि नगरीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव अलग-अलग स्तर के चुनाव हैं। दोनों में स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवारों, क्षेत्रीय समीकरणों और मतदाताओं की प्राथमिकताओं की भूमिका अलग हो सकती है। इसलिए निकाय चुनाव के परिणामों को पंचायत चुनाव का सीधा परिणाम मानना उचित नहीं होगा।

युवाओं और महिलाओं से संपर्क बढ़ाने पर भी फोकस

ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को लेकर भी भाजपा संगठन सक्रियता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से नए मतदाताओं, युवाओं और महिलाओं तक पहुंच बढ़ाने की बात कही।

राजस्थान सरकार की ओर से भी युवाओं को लेकर कई कार्यक्रमों पर जोर दिया जा रहा है। 17 सितंबर को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में बताया गया था कि राज्य में युवाओं के लिए अलग ‘यूथ बजट’ की दिशा में काम किया जा रहा है और युवाओं से सुझाव लिए जा रहे हैं।

राजनीतिक संगठन के लिए युवाओं तक पहुंच बढ़ाना आने वाले चुनावों में जनसंपर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। हालांकि अंतिम चुनावी प्रभाव स्थानीय परिस्थितियों और मतदाताओं की प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगा।

सोशल मीडिया के जरिए भी जनसंपर्क का संदेश

ग्रामीण क्षेत्रों में बदलते संचार माध्यमों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं से सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ जनसमस्याओं और लोगों की अपेक्षाओं को समझने की बात कही गई।

आज गांवों में भी मोबाइल और सोशल मीडिया राजनीतिक संवाद के महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं। ऐसे में पारंपरिक जनसंपर्क के साथ डिजिटल संपर्क को जोड़ना राजनीतिक दलों की संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा बनता जा रहा है।

मुख्यमंत्री के संदेश में यह भी स्पष्ट रहा कि केवल सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना पर्याप्त नहीं है। स्थानीय स्तर पर लोगों से सीधा संवाद और उनके मुद्दों की जानकारी संगठन के लिए महत्वपूर्ण है।

सेवा गतिविधियों के जरिए जनसंपर्क बढ़ाने की रणनीति

मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से सेवा गतिविधियों में भी भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार स्वच्छता अभियान, रक्तदान, मेडिकल कैंप, आंगन मिलन, लाभार्थियों से संपर्क और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे कार्यक्रमों से लोगों को जोड़ने की बात कही गई।

ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य सामाजिक संपर्क को बढ़ाना और संगठन की गतिविधियों को स्थानीय स्तर पर लोगों तक पहुंचाना है। भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भी उल्लेख किया गया।

सरकार और संगठन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

पंचायत चुनाव से पहले संगठन की बड़ी परीक्षा

राजस्थान में पंचायत चुनावों से पहले राजनीतिक दलों के लिए संगठनात्मक तैयारी एक महत्वपूर्ण चरण है। ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद जैसे अलग-अलग स्तरों पर चुनाव होने के कारण स्थानीय समीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

किशनगढ़ में मुख्यमंत्री का कार्यकर्ता संवाद इसी तैयारी की कड़ी के रूप में सामने आया। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर से लेकर मंडल और जिला स्तर तक बेहतर समन्वय के साथ काम करने का संदेश दिया।

पंचायत चुनाव में स्थानीय समस्याएं जैसे सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास प्रमुख मुद्दे बन सकते हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए केवल संगठनात्मक गतिविधियां ही नहीं, बल्कि स्थानीय मुद्दों को समझना और जनता के साथ संवाद बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा।

सरकार के ग्रामीण विकास एजेंडे का भी उल्लेख

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हाल के दिनों में ग्रामीण विकास को लेकर सरकार के रोडमैप पर भी जोर देते रहे हैं। 23 सितंबर को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में कहा गया कि राज्य सरकार ने ग्रामीण विकास के लिए ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जिसके माध्यम से गांवों का सुनियोजित विकास किया जाना है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

24 सितंबर की एक अन्य आधिकारिक जानकारी में सरकार ने गांव, गरीब, युवा, नारी शक्ति और किसान को विकास परियोजनाओं का केंद्र बताया। सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, पानी और बिजली जैसी सुविधाओं से जुड़े कार्यों पर भी जोर दिया गया।

इस पृष्ठभूमि में पंचायत चुनावों से पहले सरकार की विकास योजनाओं और संगठन की चुनावी तैयारियों को एक साथ जनता के बीच ले जाने की रणनीति दिखाई देती है।

किशनगढ़ से कार्यकर्ताओं को क्या संदेश मिला?

किशनगढ़ के कार्यकर्ता संवाद से भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए मुख्य संदेश बूथ स्तर की सक्रियता और ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर जनसंपर्क का रहा। मुख्यमंत्री ने संगठन को केवल चुनाव के समय सक्रिय करने के बजाय लगातार गांवों और स्थानीय समुदायों के बीच काम करने पर जोर दिया।

‘गांव-गांव कमल’ का संदेश इसी संगठनात्मक रणनीति का राजनीतिक रूप है। इसका उद्देश्य आगामी पंचायतीराज चुनावों में भाजपा के संगठन को स्थानीय स्तर पर मजबूत करना है।

वहीं मतदाताओं के लिए पंचायत चुनाव स्थानीय शासन और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करने का अवसर होंगे। ऐसे में राजनीतिक दलों के दावों के साथ-साथ स्थानीय उम्मीदवारों, उनके मुद्दों और क्षेत्र की प्राथमिकताओं को देखना भी महत्वपूर्ण रहेगा।

निष्कर्ष

किशनगढ़ में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कार्यकर्ता संवाद आगामी पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम रहा। मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं से बूथ मजबूत करने, गांव-ढाणी तक पहुंच बढ़ाने, सरकार की योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने और संगठन को पंचायत स्तर तक सक्रिय करने का आह्वान किया।

‘ट्रिपल इंजन’ का संदेश भाजपा की उस राजनीतिक रणनीति को दर्शाता है जिसमें केंद्र, राज्य और स्थानीय निकायों के स्तर पर पार्टी की भूमिका को विकास के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है। वहीं पंचायत चुनावों में इस संदेश को ग्रामीण मतदाताओं के बीच किस तरह ग्रहण किया जाता है, यह चुनावी प्रक्रिया और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

फिलहाल किशनगढ़ से मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट रूप से संगठनात्मक तैयारी पर केंद्रित रहा—बूथ मजबूत करना, गांव-ढाणी तक पहुंच बनाना और पंचायत चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना। आने वाले दिनों में भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दलों की ग्रामीण क्षेत्रों में गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

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