अजमेर ने रचा इतिहास: कुशल, परमेश्वर और अंकिता RAS टॉप-10 में – नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा

अजमेर ने रचा इतिहास: कुशल, परमेश्वर और अंकिता RAS टॉप-10 में – नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा

newstaranaad
6 Min Read

अजमेर ने रचा इतिहास: कुशल, परमेश्वर और अंकिता RAS टॉप-10 में – नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित आरएएस-2023 परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद पूरे अजमेर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। जिले के कुशल चौधरी, किशनगढ़ के परमेश्वर और पुष्कर की अंकिता पाराशर ने टॉप-10 में स्थान बनाकर इतिहास रच दिया। यह परिणाम सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि अजमेर की शैक्षिक और प्रेरणादायक धरती का सम्मान भी है। अभ्यर्थियों के परिवारों में ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया जा रहा है और सोशल मीडिया पर भी इन युवाओं की सफलता को लेकर बधाइयों की बाढ़ आ गई है।

कौन हैं अजमेर के ये टॉपर्स?

कुशल चौधरी — डूंगरिया कलां गांव का गौरव

अजमेर जिले के डूंगरिया कलां गांव के रहने वाले कुशल चौधरी ने आरएएस 2023 में बेहद शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। एक छोटे से गांव से निकला यह युवा आज हजारों छात्रों के लिए रोल मॉडल बन चुका है। कुशल के पिता किसान हैं और मां गृहणी — इन साधारण परिस्थितियों में रहकर कुशल ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और सही योजना से कोई भी बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। कुशल कहते हैं — “मैंने अपने संघर्ष को प्रेरणा बनाया, और आज यह सफलता उन्हीं पलों को समर्पित है, जब हार मानने का मन होता था।”

परमेश्वर — किशनगढ़ की शान

किशनगढ़ के परमेश्वर ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टॉप-10 में अपना स्थान सुरक्षित किया है। परमेश्वर का सपना हमेशा से प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज में परिवर्तन लाने का रहा है। साधारण परिवार से आने वाले परमेश्वर ने कोचिंग के साथ-साथ स्वअध्ययन (Self Study) पर जोर दिया और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अपनी तैयारी को संतुलित किया।

परमेश्वर का मानना है — “परीक्षा से ज्यादा जरूरी है मानसिक धैर्य और निरंतरता। जो इसे समझ गया, वह कभी पीछे नहीं रह जाता।”

अंकिता पाराशर — पुष्कर की बेटी, हजारों बेटियों की प्रेरणा पुष्कर की अंकिता पाराशर ने भी टॉप-10 में जगह बनाई और पूरे अजमेर की बेटियों के लिए एक नया मानक स्थापित किया। अंकिता ने कहा कि उन्होंने तैयारी के दौरान समाज की बातों को नजरअंदाज कर केवल लक्ष्य पर फोकस किया। महिला उम्मीदवारों के लिए यह संदेश बेहद विशेष है — “सपने देखने की हिम्मत करो, बाकी राह खुद बन जाएगी।”

कैसे की तैयारी?

अजमेर के इन तीनों टॉपर्स की तैयारी में स्मार्ट रणनीति, नियमित रिवीजन और सीमित स्रोतों का उपयोग शामिल रहा। ये तीनों अभ्यर्थी कहते हैं कि —

न्यूनतम किताबें, अधिक रिवीजन स्टैंडर्ड न्यूज़पेपर और करंट अफेयर्स पर गहरी पकड़ मेंस उत्तर लेखन अभ्यास (Answer Writing Practice) इंटरव्यू के लिए वास्तविक परिस्थितियों का अभ्यास डिजिटल डिटॉक्स — सोशल मीडिया से दूरी मानसिक मजबूती — असली जीत परिणाम जारी होने के बाद कुशल, परमेश्वर और अंकिता ने मानसिक स्थिरता को अपनी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताया। उनका कहना है कि परीक्षा के दौरान कई बार असफलता का डर सताता है, लेकिन जो धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखे, वही अंतिम सूची में जगह बना पाता है।

कुशल बताते हैं कि उन्होंने कई बार मॉक टेस्ट में कम अंक पाए, लेकिन उन्होंने निराश होने के बजाय उन गलतियों को सुधारने पर ध्यान दिया। यही बात उन्हें भीड़ से अलग करती है।

🌟 अजमेर क्यों बन रहा है प्रशासनिक अधिकारियों की नई भूमि?

अजमेर हमेशा से शिक्षा का केंद्र माना जाता है। मयूर कॉलोनी से लेकर वाइज स्कूल क्षेत्र और पुष्कर रोड तक कई कोचिंग संस्थान युवा अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं।

इसके साथ ही शहर का शांत वातावरण, लाइब्रेरी संस्कृति और अध्ययन के लिए सहयोगी माहौल ने भी इस बार की बड़ी सफलता में अहम भूमिका निभाई।

लाइब्रेरी संस्कृति का विकास अध्ययन समूह (Study Circle) का महत्त्व

सीनियर अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन परिवार का सकारात्मक सहयोग अजमेर में जश्न का माहौल

परिणाम घोषित होते ही गांव-गांव में मिठाइयाँ बांटी गईं। कुशल चौधरी के घर लोगों का तांता लगा रहा। किशनगढ़ में परमेश्वर के दोस्तों ने रोड शो कर बधाई दी, और पुष्कर में अंकिता पाराशर के सम्मान में विशेष पूजा-अर्चना की गई। युवा अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा

इन तीनों की सफलता एक स्पष्ट संदेश देती है —

“तैयारी सिर्फ किताबों से नहीं, इरादों से होती है।”

जो भी युवा आरएएस, यूपीएससी या किसी भी सरकारी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए ये टॉपर्स एक जीवंत उदाहरण हैं कि छोटे शहर या गांव की सीमाएं सफलता को नहीं रोक सकतीं।

अंतिम संदेश

अजमेर के इन तीनों होनहार युवाओं ने दिखाया कि “जहां इच्छा, वहां रास्ता”।

यह सिर्फ एक परीक्षा का परिणाम नहीं, बल्कि अजमेर के युवाओं की नई सोच और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। आने वाले समय में यकीनन यह शहर प्रशासनिक तैयारी का एक नया केंद्र बनकर उभरेगा।

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!