Diwali Wealth Secrets: अमावस्या की रात करें ये शास्त्रीय साधना और बुलाएं महालक्ष्मी
शास्त्रों अनुसार पूजा और प्रभावी आध्यात्मिक उपाय – संपूर्ण मार्गदर्शन दीपावली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि यह अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान, सुख, समृद्धि और लक्ष्मी कृपा का दीप प्रज्वलित करने का आध्यात्मिक अवसर है। शास्त्रों में दीपावली को “कार्तिक अमावस्या महापर्व” कहा गया है और इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, कुबेर, गणेश और गृहदेवताओं की विशेष आराधना का विधान है। बहुत से लोग केवल दिखावे के लिए पूजा करते हैं, परंतु शास्त्र कहते हैं कि अगर कुछ छोटे-छोटे नियमों और विधानों का पालन किया जाए तो धनलक्ष्मी स्वयं घर में स्थायी वास करती हैं। आइए जानते हैं दीपावली के दिन क्या करना शुभ है और कौन से कर्म आपको दिव्य फल प्रदान करते हैं।
1. प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठने का महत्व
शास्त्रों में कहा गया है कि दीपावली के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर शरीर पर तिल या सरसों के तेल का लेप लगाकर स्नान करना चाहिए। इसे अभ्यंग स्नान कहा गया है। इससे न केवल शरीर की नाड़ियों शुद्ध होती हैं बल्कि नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होती है। गरुड़ पुराण में लिखा है कि “कार्तिक अमावस्या स्नान करने से पिछले जन्मों के पाप भी क्षीण हो जाते हैं।”
2. घर में गंगाजल और कुमकुम से शुभ चिह्न बनाएँ
दीपावली के दिन घर पर गंगाजल का छिड़काव अवश्य करना चाहिए। मुख्य द्वार पर कुमकुम, हल्दी और चावल से स्वस्तिक बनाना अत्यंत शुभ माना गया है। शास्त्र कहते हैं कि जहां स्वस्तिक का अंकन होता है, वहां लक्ष्मी स्थायी रूप से विराजमान होती हैं। दरवाज़े पर “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः” यह मंत्र लिखना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
3. लक्ष्मी आगमन हेतु दीपदान
संध्या काल में सूर्यास्त के पश्चात 11, 21 या 51 दीपक घर के विभिन्न स्थानों पर जलाने चाहिए – विशेषकर तुलसी चौरा, कुएं या बोरिंग के पास, मुख्य द्वार, रसोईघर और तिजोरी के स्थान पर। स्कंद पुराण में कहा गया है कि जो व्यक्ति इस दिन दीपदान करता है, उसके घर में पितरों, देवताओं और देवी लक्ष्मी का प्रवेश होता है। खास बात यह है कि पहला दीप पीपल या तुलसी को समर्पित करें और बोले — “देवी लक्ष्मी नमस्तुभ्यं, दीपं दत्त्वा गृहं प्रवेश।”
4. मुख्य पूजा का समय और विधि
प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का 2 घंटा समय) दीपावली की मुख्य पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त माना गया है। इस समय घर के मंदिर या तिजोरी स्थान को साफ कर वहां सफेद या लाल कपड़ा बिछाकर उस पर श्री यंत्र, कुबेर यंत्र, लक्ष्मी चरण रखें।
पहले गणेश जी का स्मरण करें – “ॐ गं गणपतये नमः”
फिर कुबेर देव से धन की रक्षा की प्रार्थना करें – “ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये नमः”उसके बाद माता लक्ष्मी का आह्वान करें — “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं नमः”पूजा में सहस्त्रदल कमल (कमलगट्टे), कौड़ी, चांदी का सिक्का और घी के दीपक अर्पित करना अति शुभ होता है। शास्त्रों के अनुसार, दीपावली की रात माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और जो घर सच्चे भाव से आलोकित रहता है, उसमें प्रवेश करती हैं।
5. तिजोरी या धन स्थान पर शास्त्रीय उपाय
मूल रूप से इसे लोग टोटका कहते हैं, लेकिन वास्तव में ये शास्त्र आधारित धन स्थापन विधियां हैं। दीपावली की रात तिजोरी या धन स्थान पर –
7 गोमती चक्र,11 कौड़ियाँ,एक लाल कपड़े में बांधा हुआ कमलगट्टा रखें।
इसके साथ यह मंत्र बोलें –
“ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्नी च धीमहि, तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्।”अगले दिन यह सामग्री तिजोरी में ही रहने दें। यह धन वृद्धि का अखंड योग बनाता है।
6. दीपावली के दिन क्या दान करना चाहिए
धन प्राप्ति के लिए केवल ग्रहण नहीं, त्याग भी आवश्यक है। इसलिए दीपावली के दिन –काला तिल, नीला कपड़ा,तिल का तेल,झाड़ू,सिंदूर या कुमकुम,
दान देना शुभ माना गया है। ये चीजें राहु और शनि दोष को शांत करती हैं और घर में दरिद्रता प्रवेश नहीं कर पाती।
7. रात 12 बजे का विशेष लक्ष्मी आवाहन विधान
जो साधक रात्रि 12 बजे एकांत में लक्ष्मी मंत्र जप करता है, उसका जीवन धन संपन्नता से भर जाता है। करें —
शुद्ध आसन पर बैठें सामने घी का दीपक रखें 108 बार यह मंत्र जपें “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्धि विनायकाय नमः।”
और
“ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
शास्त्रों के अनुसार यह जप तुरंत फल देने वाला माना गया है, विशेषकर यदि व्यक्ति का मन शांत और संकल्प शुद्ध हो।
8. दीपावली पर ये भूल न करें
झगड़ा, तनाव, क्रोध या रोना लक्ष्मी का अपमान माना गया है।झाड़ू को पैरों से न छुएं, यह अलक्ष्मी का प्रतीक बन जाता है।पूजा से पहले खाना या शराब सेवन वर्जित माना गया है।दीपावली की रात कर्ज न लें और न दें, यह धनहानी का संकेत होता है।
उपसंहार
दीपावली केवल “दिया जलाने का त्यौहार” नहीं, बल्कि यह “ऊर्जा बुलाने का सिद्ध काल” है। जो व्यक्ति इस दिन शास्त्रानुसार दीपदान, मंत्रजाप, स्वच्छता और दिव्य पूजा करता है, उसके जीवन में लक्ष्मी केवल आती नहीं, स्थायी रूप से निवास करती हैं। याद रहे — लक्ष्मी वहीं रहती हैं जहां शांति, स्वच्छता, प्रेम और नियमित पूजा होती है।
दीपावली पर विशेष 11 शक्तिशाली शास्त्रीय उपाय (टोटके)
1. मुख्य द्वार पर 7 गोमती चक्र छिड़कें
दीपावली की रात 7 गोमती चक्र घर के मुख्य द्वार पर उल्टी दिशा में फेंकें और मन में कहें —
“जाती दरिद्रता, आती लक्ष्मी माता”कहा जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा और कंगाली का प्रवेश रुक जाता है।
2. सूखे नारियल में कपूर भरकर जलाएं
पूजा के बाद सूखा नारियल लें, उसमें कपूर रखें और रात 12 बजे जलाएं।यह उपाय घर की बाधाएं, नजर दोष और आर्थिक रुकावटों को तुरंत काट देता है।
3. तिजोरी में लाल कपड़े में बांधा कमलगट्टा रखें
इसे धन स्थापन विधि माना गया है।1 लाल कपड़ा लेंउसमें 11 कमलगट्टे + 7 कौड़ियाँ + थोड़े से चावल बांधकर तिजोरी में रखें मंत्र बोलें — “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”यह उपाय व्यापार, धन, और बटुए में बरकत देता है।
5. झाड़ू खरीदने का शुभ योग
दीपावली के दिन नई झाड़ू खरीदें और उस पर कुमकुम से स्वस्तिक बनाकर चुपचाप घर के दक्षिण कोने में रखें।शास्त्र कहता है — झाड़ू लक्ष्मी का प्रतीक है, उसे सम्मान देने से धन की हानि रुकती है।
6. काली तिल और कपूर का हवन
रात में 5 कपूर + एक चुटकी काले तिल लेकर जलाएं और पूरे घर में घुमाएं।इससे भूत-बाधा, ऋण बाधा और नजर दोष समाप्त होते हैं।
7. दक्षिण दिशा में दीपक जलाएं
दीपावली पर लोग केवल घर के अंदर दीप जलाते हैं, लेकिन दक्षिण दिशा (पितृ दिशा) में एक दिया विशेष रूप से जलाने का विधान है।यह पितरों को शांति और घर में पूर्वजों की कृपा लाता है।
8. सिंदूर + घी का तिलक तिजोरी पर
पूजा के बाद सिंदूर + घी मिलाकर तिजोरी के मुहाने पर स्वस्तिक बनाएं और एक चांदी का सिक्का उसमें स्पर्श कराएं। यह “धन स्थायित्व योग” कहलाता है, इससे पैसा टिकता है, उड़ता नहीं।
9. 21 दीपक जलाकर एक दीप जल में बहाएं
दीपावली की रात 21 दीपक जलाएं और 1 दीप जल या कुएं में प्रवाहित करें कहते हैं — “जहाँ जल प्रवाह है वहाँ धन प्रवाह होता है।”
10. तुलसी माता के नीचे दीपक + हल्दी चढ़ाएं
शाम में तुलसी के पौधे के नीचे दीपक जलाकर हल्दी की बिंदी लगाएं और कहें — “तुलसी माता, लक्ष्मी को मेरे घर रोके रखना”
तुलसी को लक्ष्मी का द्वार माना गया है, यह उपाय बहुत तेज फल देता है।
11. कपूर और लौंग का धूप
रात में सोते समय से पहले 2 लौंग + कपूर जलाकर अपने व्यवसाय स्थल (दुकान या तिजोरी स्थान) में धुआं करें। इससे रुका हुआ व्यापार चलने लगता है, धन अटकना बंद होता है।
12. यह खास उपाय केवल महिलाएं करें
अगर घर में बरकत नहीं टिकती तो महिला लक्ष्मी पूजा के बाद तिजोरी पर हाथ रखकर कहें —”जिस प्रकार मैं इस घर में स्थिर हूं, उसी प्रकार लक्ष्मी भी स्थिर रहें” शास्त्र कहते हैं — गृहलक्ष्मी का संकल्प, महालक्ष्मी को तुरंत आकर्षित करता है।
विशेष मंत्र जो दीपावली की रात 108 बार जपना चाहिए
“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
दीपावली पर लक्ष्मीजी के पूजन का श्रेष्ठ समय प्रदोषकाल माना गया है। इस वर्ष प्रदोषकाल शाम 5:55 बजे से 8:24 बजे तक रहेगा, जिसमें गृहस्थ, विद्यार्थी, किसान और व्यापारी सभी वर्ग संध्या 7:25 बजे से 9:22 बजे तक के समय को सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त मानकर पूजा कर सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए शाम 5:51 से 7:20 बजे तक अमृत मुहूर्त शुभ है, वहीं व्यापारियों के लिए शाम 5:55 से 8:23 बजे तक चंचल मुहूर्त उत्तम माना गया है। साधकों के लिए रात 10:25 से 11:55 बजे तक लाभ काल, रात 1:55 से 4:08 बजे तक सिंह लग्न का शुभ समय और सुबह 4:25 से 5:45 बजे तक अमृत मुहूर्त विशेष फलदायी रहेगा। पौराणिक मतानुसार, प्रदोषकाल में महालक्ष्मी, गणेशजी तथा कुलदेवता का विधिवत पूजन कर दीपदान करना अत्यंत शुभ माना गया है, इसलिए इसी समय माता लक्ष्मी का आवाहन कर दीपक प्रज्वलित कर पूजन करना चाहिए।
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