Indira Devanani — देवनानी की सफलता की ‘शुभ संगिनी’, जिनके जाने से अजमेर हुआ शोकाकुल newstarana.com

Indira Devanani — देवनानी की सफलता की ‘शुभ संगिनी’, जिनके जाने से अजमेर हुआ शोकाकुल

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Indira Devanani — देवनानी की सफलता की ‘शुभ संगिनी’, जिनके जाने से अजमेर हुआ शोकाकुल

देवनानी के लिए शुभ थी पत्नी इंदिरा।

अंतिम संस्कार में प्रशंसकों की भीड़।

अजमेर उत्तर के भाजपा विधायक और राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की पत्नी श्रीमती इंदिरा देवनानी का 3 नवंबर की रात जयपुर के एसएमएस अस्पताल में निधन हो गया। 74 वर्षीय इंदिरा देवनानी की पार्थिव देह 4 नवंबर को सुबह जयपुर से अजमेर स्थित संत कंवर राम कॉलोनी के निवास पर लाई गई। इसी घर से अंतिम यात्रा भी शुरू हुई। श्रीमती देवनानी का अंतिम संस्कार अजमेर के पुष्कर रोड स्थित श्मशान स्थल पर किया जा रहा है। अंतिम संस्कार में प्रशंसकों की जबरदस्त भीड़ है। पार्थिव देह के अजमेर पहुंचने के साथ ही बड़ी संख्या में लोग घर पर पहुंचे। श्रीमती देवनानी पिछले कई दिनों से एसएमएस अस्पताल में भर्ती थी। डॉक्टरों की कोशिश के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। श्रीमती देवनानी के राजनीतिक सफलता में अपने पति वासुदेव देवनानी के लिए हमेशा शुभ रही। 1974 में जब विवाह हुआ तब भी इंदिरा सरकारी स्कूल में शिक्षक थी, जबकि वासुदेव देवनानी निजी क्षेत्र में शिक्षक का कार्य कर रहे थे। उदयपुर में रहते हुए देवनानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे। तब किसी ने भी नहीं सोचा था कि देवनानी अजमेर आकर विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। इसे इंदिरा देवनानी का सहयोग ही कहा जाएगा कि देवनानी ने वर्ष 2003 में अजमेर उत्तर से चुनाव लड़ा और विधायक बन गए। वर्ष 2008 में देवनानी ने लगातार दूसरी बार चुनाव लड़ा और विधायक बने। चूंकि इंदिरा देवनानी शुभ रही, इसलिए देवनानी 2013 में तीसरी 2018 में चौथी और 2023 में पांचवीं बार भी विधानसभा का चुनाव जीते। मौजूदा समय में देवनानी विधानसभा के अध्यक्ष हैं। देवनानी भी मानते हैं कि उनकी राजनीतिक सफलता में पत्नी इंदिरा का भी योगदान रहा है। इंदिरा भले ही देवनानी की राजनीति में रुचि नहीं रखती, लेकिन उनकी राजनीतिक सफलता के लिए कामना करती रही। वासुदेव देवनानी ने कितनी भी राजनीतिक सफलता अर्जित की हो, लेकिन इंदिरा देवनानी कभी भी अपने पति के साथ सार्वजनिक समारोह में नजर नहीं आई। आमतौर पर राजनेताओं के साथ उनकी पत्नी जरूर नजर आती है। लेकिन इंदिरा का राजनीतिक गतिविधियों से परहेज रहा। उन्होंने कभी भी देवनानी की राजनीति में दखल नहीं दिया। अलबत्ता इंदिरा ने एक गृहिणी के तौर पर देवनानी को राजनीति में पूरा सहयोग दिया। इंदिरा अपने पीछे पति वासुदेव देवनानी, पुत्र महेश देवनानी और दो पुत्रियों के साथ भरा पूरा परिवार छोड़ गई है। पत्नी के निधन पर वासुदेव देवनानी भी बेहद आहत हैं।

मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि:

चार नवंबर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देवनानी के अजमेर स्थित निवास पर पहुंच कर इंदिरा देवनानी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सीएम शर्मा ने पार्थिव देह पर पुष्पचक्र चढ़ाएं और देवनानी को ढांढस बांधाया। सीएम शर्मा श्रद्धांजलि के बाद ही शव यात्रा संत कंवरराम कॉलोनी से शुरू हुई। पुष्कर रोड स्थित श्मशान स्थल पर भीड़ के दबाव को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष इंतजाम किए। अंतिम संस्कार तक यातायात भी डायवर्ट किया गया। वाहनों के खड़े होने के लिए भी श्मशान स्थल से एक किलोमीटर पहले ही व्यवस्थाएं की गई। 

S.P.MITTAL BLOGGER (04-11-2025)

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