National Unity Day: अजमेर कॉलेज में एकता और देशभक्ति का उत्सव

National Unity Day: अजमेर कॉलेज में एकता और देशभक्ति का उत्सव

newstaranaad
7 Min Read

National Unity Day: अजमेर कॉलेज में एकता और देशभक्ति का उत्सव

हर साल 31 अक्टूबर को पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) मनाया जाता है। यह दिन भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के रूप में मनाया जाता है — जिन्होंने आज़ाद भारत को एक सूत्र में पिरोने का महान कार्य किया।

अजमेर स्थित सम्राट पृथ्वीराज चौहान सरकारी कॉलेज में इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनका उद्देश्य था — विद्यार्थियों में देशभक्ति, एकता और अखंडता के मूल्यों को जागृत करना।

 कार्यक्रम का उद्देश्य

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक सद्भाव की भावना को सुदृढ़ करना था। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि आज के युवा ही कल का भारत हैं, और यदि उनमें एकता की भावना प्रबल होगी तो देश सशक्त और संगठित रहेगा।

राष्ट्रीय एकता दिवस का यह आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि देश के भविष्य निर्माण का प्रतीक है।

 कार्यक्रम की शुरुआत

समारोह का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर. के. शर्मा और मुख्य अतिथि अजमेर जिला कलेक्टर के करकमलों द्वारा दीप प्रज्वलन और सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ।

इसके बाद राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई गई —

 “मैं दृढ़ संकल्प लेता/लेती हूं कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा/करूंगी।”

इस शपथ के साथ ही पूरा सभागार एकता के स्वर से गूंज उठा।

 रन फॉर यूनिटी (Run for Unity)

दिन की शुरुआत रन फॉर यूनिटी से हुई, जिसमें सैकड़ों छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्रों के हाथों में “एक भारत, श्रेष्ठ भारत”, “हम सब एक हैं”, जैसे नारे लिखे हुए बैनर थे।

यह दौड़ कॉलेज परिसर से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई वापस कॉलेज पहुंची। दौड़ का उद्देश्य यह संदेश देना था कि “एकता में ही शक्ति है और विभाजन में पतन।”

निबंध, भाषण और पोस्टर प्रतियोगिताएं

कॉलेज के विभिन्न विभागों की ओर से रचनात्मक और विचारोत्तेजक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

1. निबंध प्रतियोगिता का विषय था — “सरदार पटेल का भारत निर्माण में योगदान”

छात्रों ने बड़े जोश के साथ लिखा कि किस प्रकार लौह पुरुष ने 562 रियासतों को जोड़कर भारत के नक्शे को एक रूप दिया।

2. भाषण प्रतियोगिता में युवाओं ने अपने ओजस्वी वक्तव्यों से माहौल देशभक्ति से भर दिया।

छात्रा कृति शर्मा ने कहा — “अगर आज हम एक भारत के नागरिक कहलाते हैं, तो उसका श्रेय सरदार पटेल को ही जाता है।”

3. पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में छात्रों ने एकता, अखंडता और विविधता की सुंदर झलकियां उकेरीं।

रंगों और विचारों के संगम ने यह संदेश दिया कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है।

 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और नाटक

सांस्कृतिक कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों, नाट्य प्रस्तुतियों और कविताओं ने सभी का मन मोह लिया।

इतिहास विभाग के छात्रों द्वारा प्रस्तुत नाटक “भारत का लोहे का आदमी” ने सरदार पटेल के संघर्ष, निर्णय और दृढ़ता को मंच पर जीवंत कर दिया।

छात्रों की आवाज़ में गूंजते गीत — “सारे जहाँ से अच्छा, हिंदुस्तां हमारा” — ने वातावरण को देशभक्ति से भर दिया।

 मुख्य अतिथि का संबोधन

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर महोदय ने अपने संबोधन में कहा  “सरदार पटेल ने उस दौर में एक असंभव कार्य को संभव किया जब भारत की एकता खतरे में थी। आज हम पर जिम्मेदारी है कि हम उस एकता को बनाए रखें और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें।”

उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे सोशल मीडिया और जीवन के हर क्षेत्र में एकता और सद्भाव का संदेश फैलाएं।

एकता शपथ और देशभक्ति गीतों की गूंज सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ ने एक स्वर में राष्ट्रीय एकता की शपथ ली। कॉलेज परिसर में “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के जयघोष से गूंज उठी।

संगीत विभाग के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी —

“ऐ मेरे वतन के लोगों…”

जिसने उपस्थित हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।सरदार पटेल पर प्रदर्शनी और विचार गोष्ठी इतिहास और राजनीति विज्ञान विभागों ने सरदार पटेल के जीवन, योगदान और भारत के एकीकरण की प्रक्रिया पर प्रदर्शनी और विचार गोष्ठी का आयोजन किया।

पोस्टरों, दुर्लभ तस्वीरों और दस्तावेजों के माध्यम से यह बताया गया कि किस प्रकार सरदार पटेल ने न केवल रियासतों को जोड़ा बल्कि राष्ट्रीय एकता का सपना साकार किया।

युवाओं के लिए प्रेरणा

कार्यक्रम का सबसे बड़ा संदेश यह था कि भारत की एकता केवल सीमाओं से नहीं, बल्कि विचारों, संस्कृतियों और परस्पर सम्मान से बनती है।

युवाओं को प्रेरित किया गया कि वे समाज में फैली नफरत और भेदभाव की दीवारों को गिराकर प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना को बढ़ाएं।

🏅 पुरस्कार वितरण और समापन

सभी प्रतियोगिताओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मान पत्र और ट्रॉफी प्रदान की गई।

समापन समारोह में कॉलेज प्राचार्य ने कहा “राष्ट्रीय एकता दिवस हमें याद दिलाता है कि भारत का हर नागरिक एक सूत्र में बंधा हुआ है — चाहे भाषा, संस्कृति या धर्म अलग क्यों न हो।”

एकता का सन्देश — छात्रों की जुबानी

“हमें गर्व है कि हम उस देश के नागरिक हैं, जिसे सरदार पटेल ने एक किया।” — दीक्षा चौधरी

“आज के दिन हमें यह प्रण लेना चाहिए कि किसी भी परिस्थिति में देश की एकता को कमजोर नहीं होने देंगे।” — रोहित सैनी

“एकता ही भारत की असली पहचान है।” — आदित्य जोशी

निष्कर्ष

सम्राट पृथ्वीराज चौहान सरकारी कॉलेज, अजमेर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं था — यह देश की आत्मा को महसूस करने का अवसर था।

यह आयोजन इस बात का प्रमाण था कि भारत के युवा सरदार पटेल की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

आज भी भारत की विविधता में एकता ही उसकी सबसे बड़ी पहचान है — और इस एकता को बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

✨ “एक भारत, श्रेष्ठ भारत — यही सरदार पटेल की सच्ची श्रद्धांजलि है।” 🇮🇳

 

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!